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हर तरफ अन्ना, पर क्यूं

Posted On: 19 Aug, 2011 Others में

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आज लोग सड़कों पर उतरे हैं अन्ना हजारे के समर्थन में. तीन दिन पहले गांधीवादी विचारधारा को मानने वाले अन्ना हजारे को पुलिस ने उनके घर से ही गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस को लगा कि अन्ना हजारे को गिरफ्तार कर वह दुबारा बाबा रामदेव वाला दृश्य दोहरा देगी पर ऐसा हुआ नहीं. मीडिया के शौकीन बाबा रामदेव तो राजनीति के चक्कर में पड़कर थोड़ा बहक गए इसलिए कांग्रेस ने भी ना आव देखा ना ताव बारह बजे रात को डण्डा चला कर रामदेव को लेडीज सुट-सलवार पहनने पर मजबुर कर दिया. पर रामदेव की नियत में खोट नहीं थी. भावनाओं को समझा जाएं तो सब ठीक था बस भारतीय जनता जरा भावुक है और वह बाबा राम की कॉरपरेट छवि को ही उनकी असलियत मानती है.


Anna leaves Tihar, on way to Rajghat पहली बार जब अन्ना हजारे दिल्ली के जंतर-मंतर पर बैठे थे तब भी लोगों के दिलों में ज्वाला भड़की थी पर कांग्रेस के  रणनीतिकारों ने आयोग नामक ब्रहमास्त्र छोड़कर इस ज्वाला को शांत कर दिया. पर इस बार तो कांग्रेस ने अन्ना को गिरफ्तार कर आग में पेट्रोल ही डाल दिया.


कहां अन्ना को जेपी पार्क में सिर्फ तीन दिन के अनशन की अनुमति मिली थी और अब बेचारी कांग्रेस और दिल्ली पुलिस को पंद्रह दिन तक रामलीला मैदान में नजर रखनी पड़ेगी. कहते हैं ना कि लोग अपने ही पांव पर कुल्हाड़ी मारते हैं पर यहां तो कांग्रेस ने कुल्हाड़ी पर ही पांव मार लिए. और ऊपर से दिग्विजय, कपिल सिब्बल आदि के बयां आग में पेट्रोल से भी ज्यादा का काम कर रहे हैं.


पर सवाल है कि हर तरफ जो अन्ना अन्ना हो रहा है वह आखिर क्यूं हो रहा है? क्या वाकई हमारी लोकतांरिक व्यवस्था में कोई इंसान अनशन से सरकार को इतना झुका सकता है. जिस तरह से सरकार झुकती चली जा रही है उससे लगता है कि खुद सरकार ही इस सारे ड्रामे को आगे ले जाने में व्यस्त है. चार दिन के अन्ना के अनशन के बाद लोकपाल बिल के लिए कमेटी का गठन करना और अब अन्ना को अनशन के लिए जगह दे देना कहीं ना कहीं दाल में काले होने का भय दिखाता है.


Anna Hazare अन्ना के साथ इतने सारे लोगों का जुड़ना जागरुकता की निशानी नहीं बल्कि भेड़चाल की रफ्तार दिखाती है. आम जनता भारी मात्रा में उनका समर्थन कर रही है. लोग अब लोकपाल को छोड़कर अन्ना हजारे के नाम पर सड़को पर इकठ्ठा हो रहे हैं. फेसबुक, ट्विटर पर युवा स्पोर्ट अन्ना के नारे लगा रहे हैं. पर क्या यही युवा लोकपाल बिल के बारें में पूरी सच्चाई जानते हैं.


भारत में एक चीज बडी देखने लायक होती है कि अगर हम किसी को इमोशनली अटैच कर लें तो उससे कोई भी गलत या सही काम करवा सकते हैं. सत्यसाईं से लेकर अन्ना तक सभी ने जनता को भावनात्मक तौर से जोड़ा है. अन्ना हजारे के साथ भी आज की युवा पीढ़ी भावनात्क तौर से जुड़ गई है और यही वजह है कि जो अन्ना हजारे कह रहे हैं वही आम जनता कर रही है.


मैं यह नहीं कहता कि अन्ना हजारे गलत हैं या उनका आंदोलन गलत है. देश में भ्रष्टाचार बुरी तरह से फैल चुका है और मैं भी इससे पीड़ित हूं पर अनशन से ब्लैकमेल करके सरकार को झुकाना सही नहीं है. कल को अगर कोई ऐसा ही बड़ा आदमी कश्मीर की जनता को अपने साथ मिलाकर अनशन पर बैठेगा और कहेगा कि कश्मीर को तेलंगाना की तरह अलग कर दो तो क्या सरकार मानेगी.


सवाल कई हैं जिनके जवाब शायद अभी कोई जानना नहीं चाहता. अभी तो हम सभी अन्ना हजारे माफ कीजिएगा लोकपाल बिल का समर्थन कर रहे हैं. पर मन में एक सवाल भी है कि क्या अनशन लोकतांत्रिक व्यवस्था में बात मनवाने का सही तरीका है?




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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rahulpriyadarshi के द्वारा
August 19, 2011

आप शायद सच कह रहे हैं कि बहुतों को लोकपाल बिल के बारे में नहीं पता….लेकिन युवा सड़क पर उतरने तब शुरू हुए जब तानाशाही तरीके से अन्ना हजारे को शांतिपूर्ण अनशन करने से रोका गया,यह कितनी घोर शर्म की बात है कि देश कि पहली महिला आई पी एस किरण बेदी को भी अकारण हिरासत में लिया गया…लोगों ने मौलिक अधिकारों का यह दमन बर्दाश्त नही किया और लोग सड़कों पे उतर गए….सरकार लोकपाल बनाये,ना बनाये…यह प्रश्न बाद में आता है…लेकिन आप किसी से भी शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात कहने और अहिंसात्मक रूप से विरोध करने का अधिकार नही छीन सकते. मैं एक बात और आपसे कहना चाहूँगा…लोगों को अन्ना हजारे या ‘उनके’ लोकपाल बिल का समर्थन नही बल्कि इमरजेंसी की आशंका ने सड़कों पे उतरने को मजबूर किया,जो त्वरित बेतुकी कार्यवाहियों से सरकार ने जाहिर करने की कोशिश की थी.हम लोकतांत्रिक देश में हैं,तानाशाही यहाँ नही चलेगी,यह सरकार को समझ में आ जाये,आज इसी वजह से सभी लोग एक मंच पर जुटे हैं.

abodhbaalak के द्वारा
August 19, 2011

मनोज जी एक नया रुख दिया है आपने भी इस विषय पर, शायद कहीं न कहीं किसी रूप में मेरी इस सोच को … की ये अन्ना जी का समर्थन नहीं बल्कि भेडचाल … http://abodhbaalak.jagranjunction.com/


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